प्रस्तुति Deepfake में एक राजनेता काल्पनिक टीवी इंटरव्यू में पत्रकार के सामने बैठता है। दर्शक ग्रीन स्क्रीन वाले स्टूडियो में कलाकारों को देख सकते हैं, जबकि लाइव वीडियो तस्वीर उस मुलाकात का दूसरा रूप दिखाती है। Jessica Wright और Morgann Runacre-Temple, जो Jess & Morgs के नाम से काम करते हैं, इन दोनों दृश्यों के अंतर पर नृत्य-प्रस्तुति लेकर आए हैं। DanceEast का निर्माण-विवरण वास्तविक समय में ग्रीन स्क्रीन प्रभाव और क्रोमा-की सूट पहने कलाकारों का वर्णन करता है; Sadler’s Wells इंटरव्यू को काम की केंद्रीय परिस्थिति बताता है।

यह शो 25 सितंबर को Ipswich के DanceEast और 1 से 3 अक्टूबर तक लंदन के Sadler’s Wells East में होना तय है। इसका शीर्षक AI डीपफेक का संदर्भ देता है, लेकिन मंच पर दर्ज प्रभाव लाइव फिल्मांकन और संयोजन से बनते हैं। इससे दर्शक तैयार तस्वीर देखते हुए उसे बनते हुए भी देख सकते हैं।

बड़ा बदलाव

  • क्या बदला: Jess & Morgs ने राजनीतिक तस्वीर के निर्माण को प्रस्तुति का हिस्सा बनाया है। DanceEast का कहना है कि यह काम उसके ग्रीन स्क्रीन साधनों के साथ कलाकारों के प्रयोग से विकसित हुआ, जहां उन्होंने पाया कि मिलती-जुलती तस्वीरें अलग-अलग कहानियां बता सकती हैं।
  • यह क्यों मायने रखता है: आम तौर पर फैलती हुई क्लिप देखने वाले को वही फ्रेम मिलता है जो उसके लिए चुना गया हो। यहां दिखाई देने वाले कलाकार और कैमरे का काम दर्शकों को यह देखने का दूसरा नजरिया देते हैं कि वह फ्रेम कैसे बनता है। प्रस्तुति राजनीतिक तस्वीरों के बारे में कलाकारों के सवाल को भौतिक रूप देती है।
  • प्रयोगों में झूठे खंडन: अमेरिका के पांच सर्वेक्षण प्रयोगों में राजनेताओं के गलत सूचना वाले झूठे दावों से समर्थन में बढ़ोतरी, वीडियो साक्ष्य के मुकाबले लिखित रिपोर्टों के बाद अधिक लगातार हुई। तय कार्यक्रमों में कलाकारों ने अपनी अलग चिंता दर्शकों के सामने रखी है; इस शो के प्रति प्रतिक्रिया अभी मापी नहीं गई।

तस्वीर और उसका निर्माण एक ही मंच पर

Wright और Runacre-Temple का कहना है कि यह काम तब शुरू हुआ जब DanceEast ने उन्हें अपनी ग्रीन स्क्रीन सुविधाएं आजमाने के लिए बुलाया। DanceEast में प्रकाशित उनका विवरण छोटी दृश्यों की चर्चा करता है, जिनमें मिलती-जुलती तस्वीरों ने अलग कहानियों का संकेत दिया। इसके बाद कलाकारों ने लेखक और नाटक-सलाहकार Jeff James के साथ टीवी इंटरव्यू को कहानी की जगह के रूप में चुना। DanceEast ने कोरियोग्राफरों तथा अन्य रचनात्मक साथियों के साथ वीडियो डिजाइनर Dan Light को भी श्रेय दिया है।

24 सितंबर को Guardian को दिए रिहर्सल इंटरव्यू में कलाकारों ने बताया कि चार कैमरे इंटरव्यू को लाइव फिल्माते हैं और पृष्ठभूमि की फुटेज स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली तस्वीर में मिलाई जाती है। ग्रीन स्क्रीन के लिए कपड़े पहने नर्तक वहां दिखने वाली चीजों को बदलने में मदद करते हैं। 7 सितंबर को Melodrama में प्रकाशित दूसरे इंटरव्यू में Runacre-Temple इस बात पर जोर देती हैं कि दर्शक तस्वीर बनाने की प्रक्रिया और उसका नतीजा, दोनों देख सकें।

पारंपरिक प्रसारण चुना हुआ दृश्य दिखाता है; Deepfake उस दृश्य को बनाने वाले लोगों को दर्शकों के साथ उसी कमरे में रखता है। नृत्य-संयोजन उन लोगों को साफ दिखाई देने वाला काम देता है। इसलिए इंटरव्यू में राजनीतिक टकराव को कैमरे के फ्रेम में क्या शामिल होता है, इसे लेकर चल रहे शारीरिक संघर्ष के जरिए भी समझा जा सकता है।

शीर्षक AI का है; मंचीय प्रभाव ग्रीन स्क्रीन से बनते हैं

DanceEast का विवरण रचना के विषय में AI की चर्चा करता है, फिर मंच पर इस्तेमाल हुए साधनों को वास्तविक समय के ग्रीन स्क्रीन प्रभाव और लाइव नृत्य बताता है। Guardian का इंटरव्यू भी ग्रीन स्क्रीन तकनीक को आज के AI डीपफेक की तुलना में पुरानी और अपेक्षाकृत सरल कहता है। निर्माण-सूचियां यह दर्ज नहीं करतीं कि लाइव स्क्रीन तस्वीर जनरेटिव AI ने बनाई हो।

ग्रीन स्क्रीन खुले तौर पर दिखाती है कि एक तस्वीर किसी व्यक्ति को कैसे हटा सकती है या उसकी जगह दूसरा परिवेश रख सकती है। इससे दर्शकों को फ्रेमिंग और संपादन पर विचार करने का भौतिक तरीका मिलता है। कलाकारों की यह पसंद नर्तकों के श्रम को भी केंद्र में रखती है: DanceEast कहता है कि उन्होंने अंतरिक्ष में शरीरों के साथ काम करके प्रभाव विकसित किए।

राजनीतिक आशंका का दायरा साक्ष्य से बड़ा है

Runacre-Temple ने Guardian को बताया कि विश्वसनीय डीपफेक लोगों को असली तस्वीरों पर भी अविश्वास करा सकते हैं, साथ ही झूठी तस्वीरों पर विश्वास। उस इंटरव्यू के अनुसार, प्रस्तुति का काल्पनिक राजनेता तस्वीर को नकली बताकर इसका फायदा उठा सकता है। यह कलाकारों की चिंता और नाटकीय आधार है। प्रस्तुति ने यह साक्ष्य नहीं दिया कि दर्शकों के विश्वास बदलते हैं; इसका आधार यह भी स्थापित नहीं करता कि डीपफेक का सार्वजनिक भरोसे पर सामान्य प्रभाव पड़ता है।

इससे सीमित दायरे का प्रासंगिक साक्ष्य भी उपलब्ध है। 15,000 से अधिक अमेरिकी वयस्कों के साथ पांच सर्वेक्षण प्रयोगों में Kaylyn Jackson Schiff, Daniel S. Schiff और Natália S. Bueno ने असली घोटालों की रिपोर्ट पर राजनेताओं की काल्पनिक प्रतिक्रियाएं जांचीं। जब घोटाले की खबर लिखित रूप में दी गई थी, तब कहानी को गलत सूचना बताने के झूठे दावों से राजनेताओं का समर्थन बढ़ा। वीडियो साक्ष्य के सामने ऐसे दावे ज्यादातर बेअसर रहे; शोधकर्ताओं को मीडिया पर भरोसे में सामान्य गिरावट नहीं मिली। उनके नतीजों में कुछ खास अपवादों की गुंजाइश है और उन्होंने इस नृत्य-प्रस्तुति की जांच नहीं की।

यह अध्ययन मंच पर दिखाई गई राजनीतिक धारणा की सीमा बताता है। कोई राजनेता रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता पर सवाल उठा सकता है; उस सवाल की सफलता साक्ष्य और परिस्थिति पर निर्भर करती है। Jess & Morgs दिखाते हैं कि अधिकारपूर्ण दिखने वाली तस्वीर कैसे बनाई जाती है। कोई खास वीडियो असली है या नहीं, यह जानने के लिए उसके विश्वसनीय दिखने के अलावा स्रोत और इतिहास के साक्ष्य चाहिए।

प्रस्तुति की तारीखें

DanceEast की सूची में शुक्रवार 25 सितंबर को शाम 7:30 बजे Ipswich में एक प्रस्तुति है। Sadler’s Wells East की सूची में 1, 2 और 3 अक्टूबर को शाम 7:30 बजे लंदन में प्रस्तुतियां हैं। दोनों आयोजन-स्थल इसे करीब एक घंटे का काम बताते हैं। यह विवरण निर्माण-सामग्री और शुरुआती शो से पहले हुए इंटरव्यू पर आधारित है; यह पूरी हो चुकी प्रस्तुति की समीक्षा नहीं है।