Anthropic का कहना है कि क्लॉड ने बैक्टीरियोफेज़ DNA में एक अनदेखी व्यवस्था पहचानी: एक रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज़ जीन के पास एक सहयोगी जीन और रिपीट अनुक्रमों की लंबी श्रृंखला। बैक्टीरियोफेज़ वे वायरस हैं जो बैक्टीरिया को संक्रमित करते हैं; रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज़ ऐसे एंज़ाइम हैं जो RNA की नकल DNA में बनाते हैं। कंपनी इस प्रस्तावित परिवार को array-associated reverse transcriptases, या ART, कहती है। इसकी 23 सितंबर की घोषणा रिपीट पैटर्न की तुलना CRISPR से करती है, जो बैक्टीरिया की वह प्रणाली है जिसके आधार पर व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले जीन-संपादन टूल बने हैं।
यह तुलना आनुवंशिक अनुक्रम की बनावट के बारे में है। Anthropic का शोध प्रीप्रिंट बताता है कि इस श्रृंखला से छोटे RNA बनने के प्रमाण मिले हैं, लेकिन टीम ने अभी यह नहीं दिखाया कि ART रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज़ सक्रिय है, वह इन RNA का इस्तेमाल करता है, या फेज़ में यह प्रणाली क्या काम करती है। प्रोग्राम करने योग्य जीन-संपादन का कोई प्रदर्शन रिपोर्ट नहीं किया गया है।
बड़ा बदलाव
- क्या बदला: कंपनी-नेतृत्व वाले इस अध्ययन में बड़े अनुक्रम-खोज अभियान के दौरान काम कर रहे AI एजेंटों ने ऐसा DNA पैटर्न देखा जो उन प्रोटीन विशेषताओं से अलग था जिनकी उन्हें जांच करने को कहा गया था। इसके बाद मानव शोधकर्ताओं ने उस संभावित खोज की पड़ताल की और उससे बनने वाले RNA को मापा।
- यह क्यों मायने रखता है: विशाल जीनोम डेटाबेस में खोज करने वाले शोधकर्ता प्रयोगशाला में आगे जांच के लिए एजेंटों से असामान्य व्यवस्थाएं सामने ला सकते हैं। यहां उनका योगदान कुछ प्रयोगात्मक समर्थन वाला शोध-सुराग है; एंज़ाइम की सक्रियता और जैविक भूमिका अब भी अनसुलझे प्रश्न हैं।
- क्या देखना है: निर्णायक अगले नतीजे बताएंगे कि क्या प्रोटीन रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज़ की तरह काम करता है, क्या छोटे RNA उसके सब्सट्रेट हैं, और उसका सहयोगी प्रोटीन कैसे भाग लेता है। ART क्या करता है, यह तय होने के बाद ही उसके जीन-संपादन में उपयोग के किसी दावे का आकलन किया जा सकेगा।
क्लॉड को अनुक्रम में क्या मिला
Anthropic के Peter Yoon और उनके सहयोगियों का प्रीप्रिंट लगभग 1.9 अरब प्रोटीन क्लस्टरों की खोज का वर्णन करता है। Claude Mythos 5 पर चलने वाले एजेंटों ने रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज़ के करीब 200,000 क्लस्टर खोजे और पास में मिले संभावित जीनों की जांच की। लेखकों के अनुसार, अभियान 949 एजेंट सत्रों में कुल 21.5 घंटे चला। मानव वैज्ञानिकों ने शोध का लक्ष्य तय किया; एजेंटों ने कंप्यूटेशनल खोज की और समीक्षा के लिए रिपोर्ट दीं।
एक एजेंट ने फेज़ रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज़ के पास DNA में मिले अप्रत्याशित सुराग का पीछा किया। उसने अलग-अलग खंडों से विभाजित दोहराए गए अनुक्रमों की एक कतार देखी, उनके बीच की दूरी जांची और इस व्यवस्था की ज्ञात प्रणालियों से तुलना की। रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज़ स्वयं पहले के काम में सामने आ चुका था। कथित खोज उस प्रोटीन, रिपीट श्रृंखला और पास के सहयोगी जीन का मेल है; सहयोगी जीन का कार्य भी अज्ञात है।
शोधकर्ताओं को इससे संबंधित रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज़ के 95 क्लस्टर मिले; उनमें से 28 के पास पहचानी जा सकने वाली रिपीट श्रृंखलाएं थीं। ये रिपीट CRISPR श्रृंखलाओं की एक दिखने वाली विशेषता से मिलते-जुलते हैं, लेकिन शोधपत्र में पास में कोई cas जीन नहीं बताया गया है और बीच के अनुक्रमों की दूरी तथा संरक्षण में अंतर दर्ज किया गया है। इसलिए अनुक्रम की समानता जांचने लायक संकेत है, यह प्रमाण नहीं कि ART में CRISPR जैसा तंत्र है।
प्रयोगों से क्या स्थापित होता है
शोधकर्ताओं ने फेज़ SA1 संक्रमण पर हुए 2022 के एक अध्ययन के RNA डेटा का दोबारा विश्लेषण किया। उनके विश्लेषण में संक्रमण के दौरान ART श्रृंखला से प्रतिलिपि बनी और छोटे RNA अणु निकले। उन्होंने अलग प्रयोगशाला-अभिव्यक्ति परीक्षण में भी श्रृंखला से बने छोटे RNA की सूचना दी। ये अवलोकन इस श्रृंखला से अलग-अलग RNA बनने का समर्थन करते हैं।
इनसे प्रस्तावित तंत्र के अगले चरण स्थापित नहीं होते। प्रीप्रिंट की चर्चा में लेखक स्पष्ट कहते हैं कि उन्होंने रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज़ की सक्रियता या यह नहीं दिखाया है कि श्रृंखला के RNA उसके सब्सट्रेट हैं। सहयोगी प्रोटीन के साथ उसकी अंतःक्रिया और फेज़ में इस प्रणाली की भूमिका भी अनसुलझी है। शोधपत्र का रेट्रॉन-जैसा मॉडल एक परिकल्पना है। अभी इससे यह दावा समर्थित नहीं होता कि ART किसी चुने हुए DNA लक्ष्य को काटता या संपादित करता है।
Anthropic ने CRISPR शोधकर्ता Feng Zhang की टिप्पणी प्रकाशित की। उन्होंने प्रीप्रिंट की समीक्षा की और रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज़ से जुड़ी RNA-रिपीट श्रृंखलाओं को दिलचस्प बताया। उनका निष्कर्ष था कि इनकी आगे जांच होनी चाहिए। यह न तो स्वतंत्र रूप से दोहराए गए नतीजे की रिपोर्ट थी, न ही यह निष्कर्ष कि ART जीन-संपादन टूल है।
खोज का सुराग, दोहराव की सीमा
शोधपत्र AI की खोज-क्षमता भी परखता है। लेखकों द्वारा बताए गए व्यापक अभियान को दस बार दोहराने पर एजेंट हर बार उस श्रृंखला को चूक गए। जिन सीमित परीक्षणों में संबंधित DNA सीधे मॉडल के संदर्भ में रखा गया, उनमें अधिक सक्षम मॉडल ने उसे कहीं अधिक बार पहचाना। जब अनुक्रम टूल के पीछे रखी फाइलों में था, तो कुछ प्रयासों में पैटर्न सामने लाने लायक पर्याप्त DNA पढ़ा ही नहीं गया। यह फर्क मायने रखता है: मॉडल उस विशेषता को पहचान सकता था जब उसका सामना उससे हुआ, लेकिन पूरी खोज भरोसेमंद ढंग से सही अनुक्रम को उसके सामने नहीं ला पाई।
कंपनी-नेतृत्व वाला प्रीप्रिंट अन्य शोधकर्ताओं को चुनौती देने और आगे बढ़ाने के लिए एक खास अनुक्रम-व्यवस्था और RNA संबंधी अवलोकन देता है। इस लेख के लिए देखे गए स्रोतों में 23 सितंबर तक किसी स्वतंत्र पुनरावृत्ति की सूचना नहीं थी। ART अब भी एक संभावित प्रणाली है जिसका कार्य निर्धारित नहीं हुआ है।



